चीकू के फायदे और पोषण
चीकू के फायदे: प्रति 100 g पोषण (83 kcal, 5.3 g फाइबर), रोज़ कितने खाएँ, किसे ध्यान रखना चाहिए और इसका सीज़न। इसे सपोटा / Sapodilla भी कहते हैं।
द्वारा लिखित HealthSensibly एडिटोरियल टीमHealthSensibly संपादकीय टीम द्वारा समीक्षितअपडेट किया गया
सपोटा / sapodilla · फल
- 83 kcalएनर्जी
- 0.4 gप्रोटीन
- 5.3 gफाइबर
- साल भर; सबसे ज़्यादा नवंबर–फरवरीभारत में सबसे अच्छा मौसम
प्रति 100 g (ताज़ा फल) 🟢 अभी सीज़न है
चीकू के फायदे
- फाइबर ज़्यादा होता है, जो पाचन में मदद कर सकता है।
- नैचुरल मिठास वाला, तुरंत एनर्जी देने वाला फल।
- विटामिन C और पोटैशियम का स्रोत है।
इसे कैसे खाएं
पका और नरम चीकू चम्मच से निकालकर खाएँ, या बिना चीनी डाले मिल्कशेक बनाएँ।
रोज़ कितना: 1–2 चीकू।
किसे सावधान रहना चाहिए
- नैचुरल शुगर ज़्यादा होती है — डायबिटीज़ हो तो थोड़ी मात्रा में खाएँ।
- कच्चा चीकू (कड़वा लेटेक्स) या इसके बीज न खाएँ।
भारत में सबसे अच्छा मौसम
साल भर; सबसे ज़्यादा नवंबर–फरवरी। महीने-दर-महीने सीज़नल चार्ट देखें →
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चीकू के सेहत के लिए क्या फायदे हैं?
फाइबर ज़्यादा होता है, जो पाचन में मदद कर सकता है। नैचुरल मिठास वाला, तुरंत एनर्जी देने वाला फल। विटामिन C और पोटैशियम का स्रोत है।
रोज़ कितने चीकू खा सकते हैं?
1–2 चीकू। पका और नरम चीकू चम्मच से निकालकर खाएँ, या बिना चीनी डाले मिल्कशेक बनाएँ।
किन लोगों को चीकू को लेकर सावधान रहना चाहिए?
नैचुरल शुगर ज़्यादा होती है — डायबिटीज़ हो तो थोड़ी मात्रा में खाएँ। कच्चा चीकू (कड़वा लेटेक्स) या इसके बीज न खाएँ।
भारत में चीकू का सीज़न कब होता है?
साल भर; सबसे ज़्यादा नवंबर–फरवरी।
और फल
इसे किसने लिखा और जांचा
हमारे संपादक वर्तमान दिशा-निर्देशों और शोध से हर टूल एक्सप्लेनर और गाइड को सरल भाषा में लिखते हैं, और पेज पर स्रोत भी सूचीबद्ध करते हैं।
हम पेज पर सूचीबद्ध स्रोतों के मुकाबले हर टूल और गाइड की जाँच करते हैं और मार्गदर्शन बदलने पर इसे अपडेट करते हैं।
अपडेट किया गया: · हम कंटेंट कैसे लिखते और समीक्षा करते हैं