सेलेरी के फायदे और पोषण
सेलेरी के फायदे: प्रति 100 g पोषण (16 kcal, 1.6 g फाइबर), रोज़ कितनी खाएँ, किसे सावधान रहना चाहिए और भारत में सबसे अच्छा सीज़न। इसे अजमोद भी कहते हैं।
द्वारा लिखित HealthSensibly एडिटोरियल टीमHealthSensibly संपादकीय टीम द्वारा समीक्षितअपडेट किया गया
अजमोद · सब्ज़ियाँ
- 16 kcalएनर्जी
- 0.7 gप्रोटीन
- 1.6 gफाइबर
- नवंबर–फरवरी (ठंड का मौसम)भारत में सबसे अच्छा मौसम
प्रति 100 g (कच्चे डंठल) 🟢 अभी सीज़न है
सेलेरी के फायदे
- कैलोरी बहुत कम और ज़्यादातर पानी।
- विटामिन K और पोटैशियम का स्रोत है।
- इसमें एपिजेनिन और दूसरे प्लांट कंपाउंड होते हैं; सेलेरी जूस से ब्लड प्रेशर कम होने के दावों पर अभी और रिसर्च की ज़रूरत है।
इसे कैसे खाएं
सूप, स्टिर-फ्राई और सलाद में डालें, या हम्मस के साथ कच्ची खाएँ।
रोज़ कितना: रोज़ के खाने में सब्ज़ी के रूप में।
किसे सावधान रहना चाहिए
- कुछ लोगों को सेलेरी से एलर्जी होना एक जानी-मानी बात है।
- सेलेरी जूस वाले ‘क्लींज़’ की ज़रूरत नहीं — साबुत सेलेरी में फाइबर बना रहता है।
भारत में सबसे अच्छा मौसम
नवंबर–फरवरी (ठंड का मौसम)। महीने-दर-महीने सीज़नल चार्ट देखें →
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सेलेरी के सेहत के लिए क्या फायदे हैं?
कैलोरी बहुत कम और ज़्यादातर पानी। विटामिन K और पोटैशियम का स्रोत है। इसमें एपिजेनिन और दूसरे प्लांट कंपाउंड होते हैं; सेलेरी जूस से ब्लड प्रेशर कम होने के दावों पर अभी और रिसर्च की ज़रूरत है।
रोज़ कितनी सेलेरी खा सकते हैं?
रोज़ के खाने में सब्ज़ी के रूप में। सूप, स्टिर-फ्राई और सलाद में डालें, या हम्मस के साथ कच्ची खाएँ।
किन लोगों को सेलेरी को लेकर सावधान रहना चाहिए?
कुछ लोगों को सेलेरी से एलर्जी होना एक जानी-मानी बात है। सेलेरी जूस वाले ‘क्लींज़’ की ज़रूरत नहीं — साबुत सेलेरी में फाइबर बना रहता है।
भारत में सेलेरी का सीज़न कब होता है?
नवंबर–फरवरी (ठंड का मौसम)।
और सब्ज़ियाँ
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