शकरकंद के फायदे और पोषण
शकरकंद के फायदे: प्रति 100 ग्राम पोषण (86 kcal, 3 g फाइबर), रोज़ कितना खाएं, किसे सावधानी रखनी चाहिए और इसका सीज़न। अंग्रेज़ी में इसे स्वीट पोटैटो कहते हैं।
द्वारा लिखित HealthSensibly एडिटोरियल टीमHealthSensibly संपादकीय टीम द्वारा समीक्षितअपडेट किया गया
शकरकंद · सब्ज़ियां
- 86 kcalऊर्जा
- 1.6 gप्रोटीन
- 3 gफाइबर
- नवंबर–फरवरी (सर्दी)भारत में सबसे अच्छा मौसम
प्रति 100 ग्राम (कच्चा) 🟢 अभी सीज़न में है
शकरकंद के सेहत से जुड़े फायदे
- नारंगी गूदे वाले शकरकंद में बीटा-कैरोटीन (विटामिन A) बहुत ज़्यादा होता है। भारतीय सफ़ेद/गुलाबी किस्मों में यह काफ़ी कम होता है।
- यह फाइबर और पोटैशियम का स्रोत है।
- धीरे-धीरे ऊर्जा देता है — एथलीट्स में काफ़ी पसंद किया जाता है।
- फ्राइज़ की जगह पेट भरने वाला, प्राकृतिक रूप से मीठा विकल्प।
इसे कैसे खाएं
छिलके समेत भूनें या उबालें और नींबू व चाट मसाले के साथ चाट बनाएं।
रोज़ कितना: 1 मध्यम शकरकंद।
किसे सावधान रहना चाहिए
- इसमें ऑक्सलेट मध्यम रूप से ज़्यादा होता है।
- किडनी की बीमारी: इसमें पोटैशियम ज़्यादा होता है।
भारत में सबसे अच्छा मौसम
नवंबर–फरवरी (सर्दी)। महीने-दर-महीने सीज़नल चार्ट देखें →
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शकरकंद के सेहत से जुड़े क्या फायदे हैं?
नारंगी गूदे वाले शकरकंद में बीटा-कैरोटीन (विटामिन A) बहुत ज़्यादा होता है। भारतीय सफ़ेद/गुलाबी किस्मों में यह काफ़ी कम होता है। यह फाइबर और पोटैशियम का स्रोत है। धीरे-धीरे ऊर्जा देता है — एथलीट्स में काफ़ी पसंद किया जाता है।
मैं रोज़ कितना शकरकंद खा सकता/सकती हूं?
1 मध्यम शकरकंद। छिलके समेत भूनें या उबालें और नींबू व चाट मसाले के साथ चाट बनाएं।
शकरकंद खाने में किसे सावधानी रखनी चाहिए?
इसमें ऑक्सलेट मध्यम रूप से ज़्यादा होता है। किडनी की बीमारी: इसमें पोटैशियम ज़्यादा होता है।
भारत में शकरकंद का सीज़न कब होता है?
नवंबर–फरवरी (सर्दी)।
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इसे किसने लिखा और जांचा
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