हल्दी के फायदे और पोषण
हल्दी के फायदे: प्रति 100 g पोषण (312 kcal, 22.7 g फाइबर), रोज़ कितनी लें, किसे सावधान रहना चाहिए और भारत में इसका सीज़न। इसे Turmeric भी कहते हैं।
द्वारा लिखित HealthSensibly एडिटोरियल टीमHealthSensibly संपादकीय टीम द्वारा समीक्षितअपडेट किया गया
हल्दी · मसाले & जड़ी-बूटियाँ
- 312 kcalएनर्जी
- 9.7 gप्रोटीन
- 22.7 gफाइबर
- सूखी: साल भर; ताज़ी कच्ची हल्दी: दिसंबर–मार्चभारत में सबसे अच्छा मौसम
प्रति 100 g (पिसा हुआ मसाला) 🟢 अभी सीज़न है
हल्दी के फायदे
- इसमें करक्यूमिन होता है, जिस पर सूजन कम करने और एंटीऑक्सीडेंट असर के लिए स्टडी हुई है।
- काली मिर्च और थोड़ा-सा फैट करक्यूमिन को कई गुना बेहतर सोखने में मदद करते हैं।
- रोज़ के भारतीय खाने में कम और सुरक्षित मात्रा में इस्तेमाल होती है।
इसे कैसे खाएं
खाना पकाने, हल्दी दूध या काली मिर्च वाली चाय में ½–1 छोटा चम्मच डालें। ताज़ी (कच्ची) हल्दी सर्दियों के अचार में बढ़िया लगती है।
रोज़ कितना: खाने में लगभग 1 छोटा चम्मच (2–3 g)।
किसे सावधान रहना चाहिए
- खाने की मात्रा में यह आमतौर पर सुरक्षित है। हाई-डोज़ करक्यूमिन सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आप खून पतला करने की दवा (blood thinners) लेते हैं, या आपको पित्त की पथरी (gallstones) या लिवर की बीमारी है।
- हल्दी सप्लीमेंट से लिवर को नुकसान के कुछ दुर्लभ मामले जुड़े पाए गए हैं।
भारत में सबसे अच्छा मौसम
सूखी: साल भर; ताज़ी कच्ची हल्दी: दिसंबर–मार्च। महीने-दर-महीने सीज़नल चार्ट देखें →
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हल्दी के सेहत के लिए क्या फायदे हैं?
इसमें करक्यूमिन होता है, जिस पर सूजन कम करने और एंटीऑक्सीडेंट असर के लिए स्टडी हुई है। काली मिर्च और थोड़ा-सा फैट करक्यूमिन को कई गुना बेहतर सोखने में मदद करते हैं। रोज़ के भारतीय खाने में कम और सुरक्षित मात्रा में इस्तेमाल होती है।
रोज़ कितनी हल्दी ले सकते हैं?
खाने में लगभग 1 छोटा चम्मच (2–3 g)। खाना पकाने, हल्दी दूध या काली मिर्च वाली चाय में ½–1 छोटा चम्मच डालें। ताज़ी (कच्ची) हल्दी सर्दियों के अचार में बढ़िया लगती है।
किन लोगों को हल्दी को लेकर सावधान रहना चाहिए?
खाने की मात्रा में यह आमतौर पर सुरक्षित है। हाई-डोज़ करक्यूमिन सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आप खून पतला करने की दवा (blood thinners) लेते हैं, या आपको पित्त की पथरी (gallstones) या लिवर की बीमारी है। हल्दी सप्लीमेंट से लिवर को नुकसान के कुछ दुर्लभ मामले जुड़े पाए गए हैं।
भारत में हल्दी का सीज़न कब होता है?
सूखी: साल भर; ताज़ी कच्ची हल्दी: दिसंबर–मार्च।
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