छाछ के फ़ायदे और पोषण
छाछ के फ़ायदे: प्रति 100 ml पोषण (15 kcal), रोज़ कितनी पिएं, किसे सावधान रहना चाहिए और भारत में इसका मौसम। इसे मट्ठा या बटरमिल्क भी कहते हैं।
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छाछ / मट्ठा · चाय और ड्रिंक्स
- 15 kcalऊर्जा
- 0.8 gप्रोटीन
- 0 gफाइबर
- साल भर (गर्मियों में सबसे ज़्यादा)भारत में सबसे अच्छा मौसम
प्रति 100 ml (भारतीय पतली छाछ, प्रति 100 ml) 🟢 अभी सीज़न में
छाछ के सेहत से जुड़े फ़ायदे
- गर्मियों में खाने के बाद हल्की और ठंडक देने वाली।
- दही से बनी ताज़ी छाछ में जीवित कल्चर होते हैं, जो पेट की सेहत में मदद कर सकते हैं।
- कैल्शियम और प्रोटीन का स्रोत है, और कैलोरी बहुत कम।
इसे कैसे खाएं
1 भाग दही को 2–3 भाग पानी के साथ फेंटें, भुना जीरा, पुदीना, कढ़ी पत्ता और एक चुटकी नमक डालें।
रोज़ कितना: 1–2 गिलास।
किसे सावधान रहना चाहिए
- हाई ब्लड प्रेशर: ऊपर से नमक कम डालें।
- लैक्टोज़ इनटॉलरेंस: कई लोग दूध की तुलना में दही को बेहतर पचा लेते हैं, लेकिन सब नहीं।
भारत में सबसे अच्छा मौसम
साल भर (गर्मियों में सबसे ज़्यादा)। महीने-दर-महीने सीज़नल चार्ट देखें →
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
छाछ के सेहत से जुड़े फ़ायदे क्या हैं?
गर्मियों में खाने के बाद हल्की और ठंडक देने वाली। दही से बनी ताज़ी छाछ में जीवित कल्चर होते हैं, जो पेट की सेहत में मदद कर सकते हैं। कैल्शियम और प्रोटीन का स्रोत है, और कैलोरी बहुत कम।
रोज़ कितना छाछ लेना ठीक है?
1–2 गिलास। 1 भाग दही को 2–3 भाग पानी के साथ फेंटें, भुना जीरा, पुदीना, कढ़ी पत्ता और एक चुटकी नमक डालें।
छाछ को लेकर किसे सावधान रहना चाहिए?
हाई ब्लड प्रेशर: ऊपर से नमक कम डालें। लैक्टोज़ इनटॉलरेंस: कई लोग दूध की तुलना में दही को बेहतर पचा लेते हैं, लेकिन सब नहीं।
भारत में छाछ का मौसम कब होता है?
साल भर (गर्मियों में सबसे ज़्यादा)।
और चाय और ड्रिंक्स
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